इंदिरा महिला शक्ति कौशल सामर्थ्य योजना : महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम
भारत में महिलाओं को सदियों से परिवार की रीढ़ कहा जाता है। लेकिन यह भी सच है कि महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में लंबे समय तक पिछड़ा माना गया।
राजस्थान सरकार ने महिलाओं के लिए एक महत्त्वपूर्ण योजना शुरू की है – इंदिरा महिला शक्ति कौशल सामर्थ्य योजना, जिसका उद्देश्य है कौशल विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता।
इंदिरा महिला शक्ति कौशल सामर्थ्य योजना क्या है?
यह एक महिला-केंद्रित कौशल विकास योजना है जिसका उद्देश्य महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार योग्य बनाना है।
- कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना।
- स्वरोजगार शुरू करने में सहायता देना।
- ग्रामीण और शहरी महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना।
मुख्य उद्देश्य
- महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना।
- कौशल प्रशिक्षण द्वारा रोजगार सृजन।
- आर्थिक और सामाजिक भागीदारी को मजबूत करना।
- उद्यमिता और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करना।
योजना की प्रमुख विशेषताएँ
- सभी महिलाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण।
- सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थानों में प्रशिक्षण।
- प्रमाणपत्र और वित्तीय सहायता की सुविधा।
- कोर्स – सिलाई, कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, आईटी, बैंकिंग, डिजिटल मार्केटिंग, हैंडीक्राफ्ट आदि।
पात्रता
- राजस्थान की महिला निवासी।
- आयु – 18 से 40 वर्ष।
- शिक्षा – न्यूनतम 8वीं/10वीं पास।
- परिवार की आय सरकार द्वारा निर्धारित सीमा में।
लाभ और परिणाम
1. कौशल विकास
महिलाएँ विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्राप्त करती हैं।
2. रोजगार
सरकारी या निजी संस्थानों में अवसर बढ़ते हैं।
3. स्वरोजगार
बुटीक, पार्लर या डिजिटल व्यवसाय शुरू कर सकती हैं।
4. आत्मनिर्भरता
आर्थिक मजबूती और सामाजिक सम्मान बढ़ता है।
निष्कर्ष
इंदिरा महिला शक्ति कौशल सामर्थ्य योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह योजना महिलाओं को कौशल, आत्मविश्वास और अवसर प्रदान करती है।
“महिलाओं को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाना ही सच्चा महिला सशक्तिकरण है।”
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