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आंगनवाड़ी सेवाएँ (ICDS) योजना 2025: बच्चों और माताओं के लिए लाभ

ICDS आंगनवाड़ी योजना – बच्चों और माताओं का समग्र विकास

आंगनवाड़ी सेवाएँ (ICDS) योजना

बच्चों और माताओं के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम

ICDS आंगनवाड़ी योजना के अंतर्गत 0-6 वर्ष के बच्चों, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी सेवाएँ दी जाती हैं।

ICDS योजना क्या है?

इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट सर्विसेज (ICDS) भारत सरकार की प्रमुख योजना है, जिसके तहत आंगनवाड़ी केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से बच्चों और माताओं को स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा से संबंधित सेवाएँ प्रदान की जाती हैं।

मुख्य उद्देश्य

  1. 0-6 वर्ष के बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को प्रोत्साहन।
  2. गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को पोषण व स्वास्थ्य सहायता।
  3. बाल मृत्यु दर और कुपोषण में कमी लाना।
  4. महिलाओं का सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता।

मुख्य घटक

1. पूरक पोषण

मुफ्त भोजन और पोषण सामग्री बच्चों व माताओं को दी जाती है।

2. स्वास्थ्य शिक्षा

माताओं को पोषण, स्वच्छता और बाल स्वास्थ्य की जानकारी दी जाती है।

3. प्रारंभिक शिक्षा

बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा देकर स्कूल के लिए तैयार किया जाता है।

4. स्वास्थ्य सेवाएँ

टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और कुपोषण उपचार प्रदान किया जाता है।

पात्रता और दस्तावेज

  • 0-6 वर्ष के बच्चे
  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएँ
  • आधार, जन आधार, राशन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र आदि

आवेदन प्रक्रिया

ऑफलाइन

नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र पर जाकर पंजीकरण करें।

ऑनलाइन

राज्य सरकार के ICDS पोर्टल या ऐप के माध्यम से आवेदन करें।

लाभ और प्रभाव

  • बच्चों का स्वस्थ विकास और शिक्षा में सुधार
  • माताओं का स्वास्थ्य और पोषण स्तर बेहतर हुआ
  • महिलाओं को रोजगार और सम्मान मिला
  • समाज में स्वास्थ्य और स्वच्छता की जागरूकता बढ़ी
ICDS योजना से मातृत्व और बचपन के स्वास्थ्य में ऐतिहासिक सुधार हुआ है।
© 2025 ICDS योजना | महिला एवं बाल विकास विभाग, भारत सरकार

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